Hindi gazal-jeena mushkil hai

जीना मुश्किल है की आसान ज़रा देख तो लो 

लोग लगते हैं परेशान ज़रा देख तो लो 

फिर मुक़र्रिर कोई सरगर्म सरे मिम्बर है  

किसके है क़त्ल का सामान ज़रा देख तो लो 

ये नया शहर तो है खूब बसाया तुमने 

क्यों पुराना हुआ वीरान ज़रा देख तो लो 

इन चरागों के तले इतने अँधेरे क्यों है 

तुम भी रह जाओगे हैरान ज़रा देख तो लो 

तुम ये कहते हो की में गैर हूँ फिर भी शायद 

निकल आए कोई पहचान ज़रा देख तो लो 

ये सताइश की तमन्ना ये सिले की परवाह 

कहा लाए है ये अरमान ज़रा देख तो लो 

Hindi gazal-bazahir kya hai

बज़ाहिर क्या है जो हासिल नहीं है 

मगर ये मेरी मंज़िल नहीं है 

ये तोडा रेत का है बीच दरिया 

ये बह जायगा ये साहिल नहीं है 

बहुत आसान है पहचान इसकी 

अगर दुखता नहीं तो दिल नहीं है 

 मुसाफिर वो अजब है कारवां में 

की जो हमराह है शामिल नहीं है 

बस एक मकतूल ही मकतूल कब है  

बस एक कातिल ही तो कातिल नहीं है 

कभी तो रात को तुम रात कह दो 

ये काम इतना भी अब मुश्किल नहीं है 

Hindi gazal-yakeen ka silsila

यकीन का अगर कोई भी सिलसिला नहीं रहा  

तो शुक्र कीजिये की कोई भी गिला नहीं रहा 

ना हिज्र है ना वस्ल है अब इसको कोई क्या कहे 

की फूल शाख पर तो है मगर खिला नहीं रहा 

ख़ज़ाने तुमने पाए तो ग़रीब जैसे  हो गए 

पलक पे अब कोई भी मोती झिलमिला नहीं रहा 

बदल गयी है ज़िन्दगी बदल गए हैं लोग भी 

ख़ुलूस का जो था कभी वो अब सिलसिला नहीं रहा 

जो दुश्मनी बख़ील  से हुई तो इतनी ख़ैर है 

 की ज़हर उसके पास है मगर पीला नहीं रहा 

लहू में जज़्ब हो सका ना इल्म तो ये हाल है 

कोई सवाल ज़हन को जो दे जिला, नहीं रहा