Emotional shayari-Humne dekhe hain

Humne dekhe hain bade log is zamane mein

Chot  khai jinhone dil ke lagane main

Tum is ummed pe jee rahe ho shayad

Wo jaan de sakte hain rasm-e-mohabbat nibhane mein 

 

हमने देखे हैं बड़े लोग इस ज़माने में 

चोट खाई जिन्होंने दिल के लगाने में 

तुम इस उम्मीद पे जी रहे हो शायद 

वो जान दे सकते हैं रस्म-ए-मोहब्बत निभाने में 

Hindi gazal-Dard kuchh din

दर्द कुछ दिन तो मेहमाँ ठहरे 

हम बज़िद हैं की मेज़बान ठहरे 

सिर्फ  तन्हाई  सिर्फ  वीरानी 

ये नज़र जब उठे जहां ठहरे 

कोनसे ज़ख्म पर पड़ाव किया

दर्द के काफिले  कहाँ   ठहरे 

कैसे दिल में ख़ुशी बसा लूँ में 

कैसे मुट्ठी में ये धुंआ ठहरे 

थी कही मस्लेहत कहीं जुरअत 

हम कहीं इनके दरमियाँ ठहरे