Hindi gazal-misaal iski kahan

मिसाल इसकी कहाँ है कोई ज़माने में 

की सारे खोने के ग़म पाए हमने पाने में 

वो शक्ल पिघली तो हर शे में ढल गयी जैसे 

अजीब बात हुई है उसे भुलाने में 

जो मुन्तज़िर ना मिला वो तो हम है शर्मिंदा

की हमने देर लगा दी पलटके आने में 

लतीफ़ था वो तख़य्युल से ख्वाब से नाज़ुक 

गवा दिया उसे हमने ही आज़माने में 

समझ लिया था कभी एक सराब को दरिया 

पर एक सुकून था हमको फ़रेब खाने में 

झुका दरख़्त हवा से तो आँधियों ने कहा 

ज़्यादा फ़र्क़ नहीं झुकने टूट जाने में 

Hindi gazal-jaan ko nisar

तू किसी पे जान को निसार कर दे या दिल को कदमो में डाल दे  

कोई होगा तेरा यहाँ कभी ये ख्याल दिल से निकाल दे 

मेरे हुक्मरान भी अजीब है की जवाब लेके आये है 

मुझे हुक्म है की जवाब का सीधा सीधा सवाल दे 

रगो पे जैम गया सार्ड खून ना में चल सकूं ना में हिल सकूं 

मेरे ग़म की धुप को तेज़ कर मेरे खून को तू उबाल दे 

वो जो मुस्कुरा के मिला कभी तो ये फ़िक्र जैसे मुझे हुई 

कहूँ अपने दिल का जो मुद्दआ , कहीं मुस्कुरा के ना टाल दे 

ये जो ज़हन दिन की है रौशनी तो ये दिल है रात में चांदनी 

मुझे ख्वाब  उतने ही चाहिए ये ज़माना जितने ख्याल दे 

Hindi gazal-jeena mushkil hai

जीना मुश्किल है की आसान ज़रा देख तो लो 

लोग लगते हैं परेशान ज़रा देख तो लो 

फिर मुक़र्रिर कोई सरगर्म सरे मिम्बर है  

किसके है क़त्ल का सामान ज़रा देख तो लो 

ये नया शहर तो है खूब बसाया तुमने 

क्यों पुराना हुआ वीरान ज़रा देख तो लो 

इन चरागों के तले इतने अँधेरे क्यों है 

तुम भी रह जाओगे हैरान ज़रा देख तो लो 

तुम ये कहते हो की में गैर हूँ फिर भी शायद 

निकल आए कोई पहचान ज़रा देख तो लो 

ये सताइश की तमन्ना ये सिले की परवाह 

कहा लाए है ये अरमान ज़रा देख तो लो 

Hindi gazal-bazahir kya hai

बज़ाहिर क्या है जो हासिल नहीं है 

मगर ये मेरी मंज़िल नहीं है 

ये तोडा रेत का है बीच दरिया 

ये बह जायगा ये साहिल नहीं है 

बहुत आसान है पहचान इसकी 

अगर दुखता नहीं तो दिल नहीं है 

 मुसाफिर वो अजब है कारवां में 

की जो हमराह है शामिल नहीं है 

बस एक मकतूल ही मकतूल कब है  

बस एक कातिल ही तो कातिल नहीं है 

कभी तो रात को तुम रात कह दो 

ये काम इतना भी अब मुश्किल नहीं है