Hindi gazal-Naa khushi de

ना ख़ुशी दे तो कुछ दिलासा दे 

दोस्त, जैसे हो मुझको बेहला दे 

आगही से मिली है तन्हाई 

आ मेरी जान मुझको धोखा दे 

अब तो तकमील की भी शर्त नहीं 

ज़िन्दगी अब तो एक तमन्ना दे

ऐ सफर इतना रायगा तो ना जा 

ना हो मंज़िल कहीं तो पंहुचा दे 

तर्क करना है गर तअल्लुक़ तो 

खुद ना जा तू किसी से कहला दे  

Hindi gazal-Kisliye kije bazm

किसलिए कीजे बज़्म आराई 

पुरसुकून हो गयी हैं तन्हाई 

फिर ख़ामोशी ने साज़ छेड़ा है 

फिर ख्यालात ने ली अंगड़ाई 

यूं सुकून आशना हुए लम्हे 

बूँद में जैसे आए गहराई 

एक से एक वाक़िआ हुआ लेकिन 

ना गई तेरे ग़म की यकताई 

कोई शिकवा ना कोई ग़म, ना कोई याद 

बैठे-बैठे बस आँख भर आई 

ढलकी आँखों से हर यकीन की कबा 

ज़िन्दगी ले रही है अंगड़ाई 

Hindi gazal-Aaj mene apna

आज मेने अपना फिर सौदा किया 

और फिर में दूर से  देखा   किया 

ज़िन्दगी भर मेरे काम आए उसूल 

एक-एक करके उन्हें बेचा गया 

बांध गयी थी दिल में कुछ उम्मीद सी 

खेर, तुमने जो किया अच्छा किया 

कुछ कमी अपनी वफाओ में भी थी 

तुमसे क्या कहते की तुमने क्या किया 

क्या बताऊँ कोन था किसने मुझे 

इस भरी दुनिया में है तनहा किया 

 

 

Hindi gazal-Ye duniya

ये दुनिया तुमको रास आये तो कहना 

ना सर पत्थर से टकराये तो कहना 

ये फूल कागज़ हैं, ये ज़ेवर हैं पीतल 

समझ में जब ये आ जाए तो कहना 

बहुत खुश हो की उसने कुछ कहा है 

ना कहकर वो मुकर जाए तो कहना  

बहल जाओगे तुम ग़म सुनके मेरे 

कभी दिल ग़म से घबराए तो कहना 

धुंआ जो कुछ घरों से उठ रहा है 

ना पूरे शहर पे छाए तो कहना 

Hindi gazal-Wo zamana guzar gaya

वो ज़माना गुज़र गया कब का 

था जो दीवाना मर गया कब का 

ढूंढ़ता था जो एक नयी  दुनिया 

लोट के अपने घर गया कब का 

वो जो लाया था हमको दरिया तक 

पार अकेले उतर गया कब  का 

उसका जो हाल है वही जाने 

अपना तो ज़ख्म भर गया कब का 

ख्वाब-दर-ख्वाब था जो शीराज़ा 

अब कहाँ है, बिखर गया कब का