Mene duniya se haseen-Romantic Ghazal

Mene duniya se haseen-Romantic Ghazal

Mene duniya se haseen Tumko bata rakha hai

Aaina tod do aaine mein kya rakha hai

Yoon bhi hota hai palat aate hain jaane wale

Mene ye soch ke darwaza khula rakha hai

Dekhna uski hatheli pe mera naam na ho

Kuchh to hai usne jo takiyo se chhupa rakha hai

Tu jo patthar hai to patthar hi kahunga tujhko

But parasto ne tera naam khuda rakha hai

मेने दुनिया से हसीं तुमको बता रखा है

आइना तोड़ दो आईने में क्या रखा है !

यूं भी होता है पलट आते हैं जाने वाले

मेने ये सोच के दरवाज़ा खुला रखा है !

देखना उसकी हथेली पे तेरा नाम न हौ

कुछ तो है उसने जो तकियो से छुपा रखा है !

तू जो पत्थर है तो पत्थर ही कहूंगा तुझको

बुत परस्तो ने तेरा नाम खुदा रखा है !

~Tayyab Aazad

Hindi gazal-Dard kuchh din

दर्द कुछ दिन तो मेहमाँ ठहरे 

हम बज़िद हैं की मेज़बान ठहरे 

सिर्फ  तन्हाई  सिर्फ  वीरानी 

ये नज़र जब उठे जहां ठहरे 

कोनसे ज़ख्म पर पड़ाव किया

दर्द के काफिले  कहाँ   ठहरे 

कैसे दिल में ख़ुशी बसा लूँ में 

कैसे मुट्ठी में ये धुंआ ठहरे 

थी कही मस्लेहत कहीं जुरअत 

हम कहीं इनके दरमियाँ ठहरे 

Hindi gazal-Yaad use bhi

याद उसे भी एक अधूरा अफसाना तो होगा 

कल रस्ते में उसने हमको पहचाना तो होगा 

डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से 

लेकिन एक सफर पर ऐ दिल, अब जाना तो होगा 

कुछ बातों के मतलब हैं और कुछ मतलब की बातें 

जो ये फ़र्क़ समझ लेगा वो दीवाना तो होगा 

दिल की बातें नहीं हैं तो दिलचस्प ही कुछ बातें हो 

ज़िंदा रहना है तो दिल को बहलाना तो होगा 

जीत के भी वो शर्मिंदा हैं, हार के भी हम नाज़ा 

कम से कम वो दिल ही दिल में ये माना तो होगा 

hindi gazal-yaad use bhi

Yaad usey bhi ek adhoora afsana to hoga 

Kal raste mein usne humko pehchana to hoga

Dar humko bhi lagta hai raste ke sannate se

Lekin ek safar pe ae dil, ab jana to hoga 

Kuchh baaton ke matlab hain aur kuchh matlab ki baatein

Jo ye farq samajh lega wo deewana to hoga

Dil ki baatein nahi hai to dilchasp hi kuchh baatein ho

Zinda rehna hai to dil ko behlana to hoga

Jeet ke bhi wo sharminda hain, haar ke bhi hum naazaan

Kam se kam dil hi dil mein wo ye maana to hoga

Hindi gazal-Hamare dil mein

हमारे दिल में अब तल्खी नहीं है 

मगर वो बात पहले सी नहीं है 

मुझे मायूस भी करती नहीं है 

यही आदत तेरी अच्छी नहीं है 

बहुत से फायदे हैं मस्लेहत में 

मगर दिल की तो ये मर्ज़ी नहीं है 

हर एक की दास्ताँ सुनते हैं जैसे 

कभी हमने मोहब्बत की नहीं है 

है एक दरवाज़ा बिन दीवार जैसा 

मफर ग़मसे  यहाँ कोई नहीं है 

Hindi gazal-Mein khud bhi

Mein khud bhi kab ye kehta hoon koi sabab nahi

Tu sach hai mujhko chhod bHindi gazal-Mein khud bhihi de to koi ajab nahi

Wapas jo chaho jana to jaa sakte ho magar

Ab itni door aa gaye hum’ dekho ab nahi

Zar ka’ zaroorto ka’ zamane ka’ dosto

karte to hum bhi hai magar itna adab nahi

Mera khuloos hai to hamesha ke waaste

Tera karam nahi hai ki ab hai aur ab nahi

Aaye wo rozo shab ki jo chaahe thhe rozo shab

To mere rozo shab bhi mere rozo shab nahi

Duniya se kya shikayte logon se kya gila

Humko hi zindagi se nibhane ka dhab nahi

में खुद भी कब ये कहता हूँ कोई सबब नहीं 

तू सच है मुझको छोड़ भी दे तो कोई अजब नहीं 

वापस जो चाहो जाना तो जा सकते हो मगर 

अब इतनी दूर आ गए हम, देखो अब नहीं 

ज़ार का, ज़रूरतों का, ज़माने का, दोस्तों 

करते तो हम भी है मगर इतना अदब नहीं 

मेरा ख़ुलूस है तो हमेशा के वास्ते 

तेरा करम नहीं है की अब है और अब नहीं 

आए वो रोज़ो शब् की जो चाहे थे रोज़ो शब् 

तो मेरे रोज़ो शब् भी मेरे  शब् नहीं 

दुनिया क्या शिकायते लोगों से क्या गिला 

हमको ही ज़िन्दगी से निभाने का ढब नहीं